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जगदीप धनखड़ ने 2019 से 2022 तक बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया
कोलकाता। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्य विधानसभा में आने और राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भाषण देने में अपनी रुचि व्यक्त की है। विधानसभा सूत्रों के अनुसार, उपाध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने विधानसभा अध्यक्ष से इच्छा व्यक्त की कि बजट सत्र के दौरान वह उनका नहीं बल्कि राज्य का लिखित बयान पढ़ेंगे।लेकिन विधानसभा सचिवालय ने कहा कि उपराष्ट्रपति द्वारा राज्य विधानसभा में भाषण देने का कोई पूर्व उदाहरण या कानूनी प्रावधान नहीं है। हालांकि, विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, उपराष्ट्रपति की इच्छा का सम्मान करने के लिए बजट सत्र के पहले चरण की समाप्ति के बाद एक विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। देश के उपराष्ट्रपति को उस सत्र में बोलने का अवसर दिया जा सकता है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने इस मुद्दे पर कल 12 फरवरी को विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी (बीए) समिति की आपात बैठक बुलाई है। इसके बाद उपराष्ट्रपति के दूत को विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय से तारीख और समय की सूचना दी जाएगी।
जगदीप धनखड़ ने 2019 से 2022 तक बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। जब वे बंगाल के राज्यपाल थे, तो राज्य सरकार के साथ उनके मतभेद बार-बार प्रकाश में आते रहे। बंगाल के तत्कालीन राज्यपाल वर्तमान में देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बंगाल में तीसरी बार तृणमूल सरकार बनने के बाद पहले विधानसभा सत्र को संबोधित किया था। उस समय धनखड़ ने विधानसभा में खड़े होकर राज्य की आलोचना भी की थी। हालांकि अब धनखड़ ने सारी कड़वाहट को पीछे छोड़ दिया है और राज्य विधानसभा में वापस आकर इसे संबोधित करने की इच्छा जताई है।